Skip to Content

Languages

स्वामी विवेकानन्द जयन्ती समारोह : पटना

Swami Vivekananda jayanti celebrated in patna on 15 jan 12रविवार माद्य कृष्ण सप्तमी १५ जनवरी २०१२ को विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी पटना शाखा में स्वामी विवेकानन्द की १४९ जयन्ती श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक मनायी गयी। विवेकानन्द केन्द्र के कार्यालय पर समारोह का आयोजन राष्ट्र पुनः निमार्ण के लिए युवाओं के आह्नान से हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक डा. नरेन्द्र प्रसाद जो स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह के प्रांत संयोजक भी हैं। मुख्य वक्ता के रूप में सचिव आर्बिटेब्षन, ट्रिब्युनल, बिहार सरकार के सचिव श्री शशिभूषण वर्मा एंव अध्यक्ष के रूप में बिहार राष्ट्रभाषा परिषद् के पूर्व निर्देषक डा. षिववंष पाण्डेय, जो जाने माने समाजसेवी भी हैं, ने समारोह को संबोधित किया ।

Swami Vivekananda jayanti celebrated in patna on 15 jan 12युवाओं को संबोधित करते हुए डा नरेन्द्र प्रसाद ने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य ही मानवता की सेवा करना हैं, और किसी भी व्यक्ति के लिए राष्ट्र सर्वोपरी होना चाहिए । किन्तु आज हमारा समाज व्यक्ति प्रधान हो गया है, और राष्ट्र हित को अनदेखा किया जा रहा है। आज जरूरत है युवाओं को जागने की जिससे राष्ट्र और विश्व का कल्याण हो। डा. षिववंष पाण्डेय ने स्वामी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी जी की दृष्टि में धर्म का अर्थ जनकल्याण और मानवमात्र की सेवा है। मनुष्य परमात्मा का अंश है और मनुष्य को कष्ट देना परमात्मा को कष्ट देना है। अतः युवाओं को अपने जीवन का कुछ अंश दीन-दुखियों की सेवा में अवश्य लगाना चाहिए। इससे उनका आत्मबल बढेगा, उज्जवल चरित्र बनेगा।


मुख्य वक्ता श्री शशिभूषण वर्मा ने मार्गदर्शन दियाकी स्वामी विवेकानन्द जी ने युवाओं के चरित्र निमार्ण पर बल दिया ताकि चरित्रवान राष्ट्र का निमार्ण हो। स्वामी जी ने युवा शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि आज देश को जरुरत हैं ऐसे युवाओं कि जिनकी मांसपेशियाँ  लोहे के समान हो नसों में फौलादी ताकत और मन में असीम षक्ति हो। स्वामी जी ने जन को जर्नादन माना और गरिबों असहाय के लिए कार्य किया।

इसके अतिरिक्त विभिन्न महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्रभारी षिक्षिकगणों की गरिमामय उपस्थिति रही। माननिय अतिथिगण द्धारा दीप प्रज्जवलन के पश्चात् कार्यक्रम का प्रारंभ ॐ कार प्रार्थना से हुआ । कार्यक्रम के दौरान परिचय एवं स्वागत, गीत, केन्द्र परिचय हुआ। उद्बोधन में स्वामी विवेकानन्द और भारत का भविष्य विषय पर दीपक एवं उपेन्द्र ने प्रेरणार्थक प्रकाष डाला। ‘‘विजय ही विजय’’ के द्वितीय चरण में भाग लेने वाले  प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन रवि कुमार के द्धारा धन्यवाद ज्ञापन तथा शांतिपाठ से किया गया। विवेकानन्द केन्द्र की ओर से समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम एवं षिविर का आयोजन किया जाता है, जो निश्चय ही देश के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार करता है एवं सेवा के लिए प्रेरित करता।