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Madhya Pradesh

इंदौर में गुरुपूर्णिमा का उत्सव

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा इंदौर द्वारा आज गुरुपूर्णिमा उत्सव को  सेवानिवृत शिक्षको के सम्मान के रूप मे मनाया गया। जिसमें सेवानिवृत्त शिक्षक

Guru purnima Celebration at Indore

13/07/2014 17:00
13/07/2014 18:30
Asia/Calcutta

index

दो दिवसीय अभ्यास वर्ग

28/06/2014 09:00
29/06/2014 16:00
Asia/Calcutta

विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी मध्यप्रांत द्वारा विवेकानन्द केन्द्र के संस्थापक माननीय एकनाथ जी रानडे की जन्मशती पर्व की पूर्व तैयारी की शुभेच्छा तथा राष्ट्र निर्माण के कार्य हेतु कार्यकर्ता एवं कार्य के सुदृढ़ीकरण पर प्रकट चिंतन, मनन, नियोजन तथा क्रियान्वयन के लिए नगर, विभाग एवं प्रांत स्तरीय अधिकारियों 1⁄4संगठक/प्रमुख1⁄2 का दो दिवसीय अभ्यास वर्ग आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास वर्ग का शुभारंभ दिनांक 28 जून को प्रातः 9.00 बजे एवं समापन दिनांक 29 जून को सायं 4.00 बजे होगा।

आवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर : इंदौर

मा. एकनाथजी की १०० वी जयंती वर्ष निमित्त (मा. एकनाथजी जन्म शती पर्व) विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा इंदौर द्वारा सावर रोड स्थित मानव सेवा ट्रस्ट में आवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर दिनांक ०४ जून से ०८ जून तक  का आयोजन किया गया । शिविर के उदघाटन सत्र में मानव सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री मनोहन बाहेतिजी  उपस्थित थे ।

योग प्रशिक्षण शिविर : इन्दौर

21/04/2014 06:00
27/04/2014 07:30
Asia/Calcutta

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा इन्दौर के सौजन्य से 7 दिवसीय विशेष योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है।

अनिवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर : इन्दौर

21/05/2014 07:30
25/05/2014 09:30
Asia/Calcutta

सावधान

आज हमारे नन्हें- मुन्नों को कौन संस्कार दे रहा है...?

माॅं ? दादी माॅं ?
या
टी.वी.और सिनेमा ? 
अनुषासन,त्याग आदि संस्कारों के सिंचन हेतु

संस्कार वर्ग

  खेल,गीत,कहानी,सुर्य नमस्कार,गीतापठन आदि रोचक माध्यमों से 

शारीरिक,मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक विकास द्वारा सुगठित पीढ़ी से उज्जवल भविष्य सजाएँ। 

अनिवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर : इन्दौर

21/05/2014 07:30
25/05/2014 09:30
Asia/Calcutta

सावधान

आज हमारे नन्हें- मुन्नों को कौन संस्कार दे रहा है...?

माॅं ? दादी माॅं ?
या
टी.वी.और सिनेमा ? 
अनुषासन,त्याग आदि संस्कारों के सिंचन हेतु

संस्कार वर्ग

  खेल,गीत,कहानी,सुर्य नमस्कार,गीतापठन आदि रोचक माध्यमों से 

शारीरिक,मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक विकास द्वारा सुगठित पीढ़ी से उज्जवल भविष्य सजाएँ। 

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