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अजमेर में दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यशाला

आध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर के दायित्ववान कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण हेतु एक कार्यशाला का आयोजन 2 अक्टूबर को प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक होटल आराम वैशाली नगर में किया गया। इस अवसर पर परिचय सत्र के अतिरिक्त कार्ययोजना से कार्य का आनन्द, दायित्व बोध, अभिव्यक्ति तथा कार्यपद्धति मूलक विकास से सबका विकास विषयों पर सत्रों का आयोजन किया गया। केन्द्र की जीवनव्रती कार्यकर्ता तथा प्रान्त संगठक रचना जानी ने कार्यपद्धति को आधार मानते हुए कार्यकर्ता के मन का एकत्व, दायित्व का चिंतन, मंथन तथा इसके माध्यम से दायित्व पूर्ण होने तक की संपूर्ण

स्वामी विवेकानंद की पुण्य तिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम

Vivekananda Kendraआज स्वामी विवेकानंद के महाप्रयाण के दिवस पर  प्रातःकाल  विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर द्वारा रामकृष्ण आश्रम में स्वामी जी की मूर्ति के समक्ष योग वर्ग, भजन, ध्यान एवं पुष्पांजलि अर्पण करते हुए श्रधांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया|

अजमेर में विविध जगह पर योगसत्र का आयोजन

Vivekananda Kendraविवेकानन्द केन्द्र का प्राणस्वर योग है। गत 21-22 मार्च, 2015 की भीलवाड़ा में आयोजित वार्षिक बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माननीय निवेदिता दीदी का प्रवास में माननीय एकनाथजी रानडे के जन्मशती पर्व पर केन्द्र कार्य को विस्तारशः आगे बढ़ाने पर दीदी का सार्थक उद्बोधन हुआ एवं तत्पश्चात हुए विचार-मंथन से मुझे लगा कि क्यो

Sanskar Varg Prashikshan Shibir in Ajmer

Sanskar Varga Prashikshan Shibir AjmerA four days “Sanskar Varg Prashikshan Shivir” was organised by Vivekananda Kendra Kanyakumari’s Ajmer Branch during 28th to 31st May 2015 at Shaheed Avinash Maheshwari Aadarsh Vidya Niketan, Bhagwanganj, Ajmer.

Yoga Satra at Ajmer

Yoga is not only exercise, it is way of life. Based on this thought Vivekananda Kendra is conducting Yoga satra various place of India. 10 days Yoga Satra is going on in Ajmer.

परिपोषक सम्मेलन : अजमेर

patronहमारे देश में कहीं भी विविधता नहीं है अपितु एकता ही दिखाई देती है। भारतीय संकल्पना ही कर्म के माध्यम से ईश्वर को प्राप्त करने की है और यह कर्म यदि कहीं एकात्मता से किया जा सकता है तो वह विवेकानन्द केन्द्र ही है। ईश्वर प्राप्ति की दिशा में पहला कदम स्वयं को जानना है और स्वयं को जानने के उपरांत राष्टं की संकल्पना समझ में जा सकती है और उसी से हमें धर्म की सही परिभाषा का ज्ञान हो सकता है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक ध्येय होना चाहिए

राजस्थान प्रांत की गतिविधियाँ

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा - भीलवाड़ा: 20 मार्च को मेवाड़ चेम्बर डवलमेन्ट ट्रस्ट एवं विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा - भीलवाड़ा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता माननीय निवेदिता दीदी ने भीलवाड़ा शहर के प्रसिद्ध युवा उद्योगपतियों के बीच में ‘व्यावहारिक जीवन में आध्यात्मिक दृष्टिकोण’ इस विषय पर बोलते हुए बताया कि अगर जीवन में (1) समत्व यानि आत्मभाव में स्थित रहना, भावनात्मक से भी अधिक आध्यात्मिक बनना। (2) सन्तोष अर्थात् आनन्द प्राप्त करना। (3) सर्वसमावेशक अर्थात् सबको जोड़ने वाला एवं पूर्णत्व की ओर जाने वाला। (4) संयम अर्थात् फायदे के लिए देश, समाज को नुक

विविधता के समन्वय का आदर्श भारत- गुणवन्त कोठारी

किसी भी सभ्यता में विविध संप्रदाय, भाषा, शिक्षा, पंथ, जाति भिन्नता और पूजा पद्धति की विविधता के बीच समन्वय कैसे रखा जाता है यह दुनिया में केवल भारत देश से ही सीखा जा सकता है क्योंकि भारत ने ही यह आदर

चरित्र निर्माण एवं त्यागवृत्ति से ही विश्वबंधुत्व संभव

स्वामी विवेकानन्द के शिकागो धर्मसम्मेलन में प्रथम उद्बोधन की वर्षगांठ पर विश्वबंधुत्व दिवस का अजमेर में आयोजन किया गया। विश्वबंधुत्व की संकल्पना को केवल चरित्र की उच्चता एवं त्यागवृत्ति के आचरण से ही साकार किया जा सकता

Gurupurnima at Ajmer

Gurupurnima was celebrated by Vivekananda Kendra workers at various places in Ajment on July 12.On program was held in Shiva Temple near Vivekananda Kendra office.

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