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''संस्कृति रेणु'' साहित्य प्रदर्शनी का स्वागत : अजमेर

Renu Literary Culture Exhibition reception Ajmerअजमेर में लोगों संस्कृति रेणु के प्रति भारी उत्साह, ३००० से अधिक लोगों ने दो दिनों में साहित्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

ईश्वर को प्राप्त करने के लिए संसार में अनेकानेक मार्ग हैं किंतु वेदान्त में ईश्वर कहता है कि कोई भी किसी भी मार्ग से मुझे भजे उसमें ही वह विलीन हो जाता है। स्वामी विवेकानन्द अपने समय से पूर्व के न केवल भारत अपितु सारे विश्व के समस्त दार्शनिकों, संतों, विचारकों की आभा जो समस्त मानवजाति का कल्याण करने के लिए कार्यरत है, को प्रकट करने वाले दिव्य रत्न हैं। रंग, लिंग, जाति, वर्ण, भाषा, भूषा तथा प्रान्त की बात नहीं, इन सभी से उपर उठकर प्रत्येक मनुष्य के भीतर परमात्मा के अंश का प्रकटीकरण का प्रयास करने वाला कोई दूसरा रत्नशिरोमणि विवेकानन्द के अलावा इस संसार में दूसरा कोई नहीं है।

‘‘संस्कृति-रेणु’’ : भारतीय संस्कृति तथा साहित्य चल प्रदर्शनी

Samskruti renu ratha a mobile libraryस्वामी विवेकानन्द के साहित्य और विचारों को जन जन तक, प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए संस्कृति-रेणु भारतीय संस्कृति तथा साहित्य चल प्रदर्शनी को एक पुस्तकालय का रूप भी  दिया गया है। जिसमें स्वामी विवेकानन्द के साहित्य को भली भांति प्रदर्शित किया गया हैं। १८ फ़रवरी, शनिवार को गोविंददेवजी मंदिर के सत्संग भवन में विवेकानंद केन्द्र राजस्थान की ओर से आयोजित ’’संस्कृति-रेणु’’ वाहन के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विवेकानंद केन्द्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा. बालकृष्णन ने कहा कि केन्द्र का उद्देष्य भारतीयों को संगठित कर उनमें आत्मिक शक्ति पैदा करना है। केन्द्र शिक्षा, ग्रामविकास, स्वास्थ्य, योग एवं सूर्य नमस्कार के माध्यम से देश की युवापीढ़ी को जागृत करने का काम कर रहा है।

Invitation Card - Sanskruti Renu

18/02/2012 11:00
Asia/Calcutta

स्वयं से स्पर्द्धा ही धारणक्षम विकास का मूलमंत्र

अध्यात्म प्रेरित समाजिक संगठन विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर के द्वारा दिनांक १२ जनवरी २०१२ को सांय ५:३० बजे होटल आराम, वैशाली नगर, अजमेर में स्वामी विवेकानन्द जयन्ती समारोह पूर्वक मनाई गई। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पूर्व सीएमएचओ डॉ.

युवा ही देश का सार्मथ्य

karyakam in Jaipur on 12 jan 2012विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा जयपुर एवं एस एस जैन सुबोध पी जी महाविद्यालय के द्वारा स्वामी विवेकानन्दजी के जन्म जयन्ती १४९ वी के वर्ष पर्व पर ’’एक विषाल युवा षक्ति जागरण’’ सम्मेलन सुबोध पीजी महाविद्यालय में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजेन्द्र जी भाणावत ने स्वामी विवेकानन्द की प्रासांगिकता को बताते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द एक ऐसे युवा संन्यासी थे जिन्होंने अपने मोक्ष केkaryakam in Jaipur on 12 jan 2012 लिए नहीं अपितु भारत देश के लिए ध्यान किया लेकिन बड़े दुःख की बात है कि अखबारो ने स्वामी विवेकानन्द के विचारों व फोटो को बहुत कम स्थान दिया। इसी के साथ ही मुख्य वक्ता श्री भरतराम जी कुम्हार ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द एक ऐसे देशभक्त थे जिन्होंने विदेश में जाकर भारतीय संस्कृति विरासत व
परम्पराओं को दुनिया के सम्मुख रखा।

Vijay Hi Vijay Mahashivir a Grand Programme at Barak Valley, Assam, India.

Rajsthan, Gujarat, Maharastra, Madhya Pradesh, Tamilnadu, Arunachal Pradesh, Lower Assam now..Vijay Hi Vijay Mahashivir a Grand Programme at Barak Valley, Assam, India.

JAG UTHA RANDHIR - One Day Shibir at Rajkot

Vevekanada Kendra Rajkot Branch celebrated National Youth Day on 12th Jan 2011 with "જાગ ઊઠા રણધીર" - "JAG UTHA RANDHIR" - One Day Shibir. Total 140 Shibirarthis and 21 Karyakartas participated in at Bal Bhavan Rajkot.

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